Monthly Archives: मई 2011

शायरी–मेरी कलम से!–आज का शेर-(यह लिंक क्लिक करें)

नग्माये जिन्दगी और दिले-साज है शायरीये न हो तो फिर नाशाद नासाज है ज़िंदगी ! शायरी के अलावा और कोई दवाए दिल नहींमुफ्त की चीज समझकर छोड़ दी इसीलिए तो पशेमां हो तुम !                                                                                                     —अश्विनी रमेश ! Advertisements

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शायरी–मेरी कलम से!–आज का शेर-(यह लिंक क्लिक करें- विडियो सहित)

ज़िंदगी कोई साहिल नहीं मंज़िल नहीं ये तो सफर है यारबजिसमे कतराए पानी से समंदर और समंदर से कतरे का सफर करना है ! कुदरत की अजब गज़ब दुनिया में इन्सा सबसे खुदगर्ज़ शय है यारबपेड़ है जो देता ही है … पढना जारी रखे

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शायरी–मेरी कलम से! –आज का शेर (यहाँ लिंक क्लिक करें-शेर विडियो सहित हैं)

इस बज्मे शायरी को मदहोशी में पहुँच जानो दो ‘रमेश’लासानी को ये शिकवा न रहे इसमें,मज़ा आया तो क्या आया! मेरे लिए हर दिन हर लम्हा नया है ‘रमेश’दस्तूरे-कुदरते दरिया मे बहता हुआ एक कतरा हूँ मैं ! सरूरे शायरी … पढना जारी रखे

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शायरी–मेरी कलम से!–आज का शेर-(इस लिंक को क्लिक करें) विडियो सहित है ! कृपयाविडियो के लिए दोबारा इस लिंक पर जाएँ-अश्विनी रमेश

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जब हम हैं तो जोशे-बज्मे-शायरी है ‘रमेश’जहाँ हम नहीं वहाँ न जोश है न बज़्म है और नाही शायरी ! पता नहीं क्योँ किसी बहत अपने को तलाशती है हमारी रूहये वोह एहसास है जो ताजिंदगी बना रहता है ! … पढना जारी रखे

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ये हसरत तो हर कोई रखता है कि इश्क दिवानगी तक पहुंचेमगर ये ऐसा नशा है जो टूट जाने पर सिर्फ दर्दे-दिल देता है ! मैं एक फ़कीर सी जिंदगी बसर करने में खुश हूँ ‘रमेश’मुझे बस अब कुछ नहीं … पढना जारी रखे

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शायरी–मेरी कलम से!–आज का शेर-

अब अपनी न कोई आरज़ू और न तसब्बुर रहा ‘रमेश’हम इसलिए खुश हैं कि तुम्हारी आरज़ू तुम्हारे तसब्बुर के लिए जीते हैं ! बड़े होकर भी तुममे बच्चे की सी मासूमियत रहेतब समझना कि तुमको मोहब्बते खुदा हासिल है ! … पढना जारी रखे

आज का शेर-५/५/११ में प्रकाशित किया गया | 1 टिप्पणी

शायरी–मेरी कलम से!–आज का शेर-

मोहबत में जब दिलो से रुह के फासले तय नहीं होतेतो दिल जब टूटते हैं तो कोई आवाज़ नहीं होती! कुछ गुल ऐसें हैं जिनको  खिजां आ गयी महकने से पहलेबस तुम एक बार चूम लो इनको बिखरने से पहले! … पढना जारी रखे

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शायरी मेरी कलम से…आज का शेर

आज का शेर—                   दोस्तो,                            कहते हैं कि गज़ल चार शेरों से कम नहीं होती! लेकिन मैं आज तीन शेर आपकी नज़र कर रहा हूँ अब आप इसे जो भी कहें, वेसे मेरा वायदा तो रोज कम से कम एक … पढना जारी रखे

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शायरी–मेरी कलम से!

शायरी मेरी कलम से–दोस्तो आज से में अपने ब्लॉग पर इस नयी ब्लॉग-पोस्ट को शुरू करने जा रहा हूँ,आशा है की उर्दू शायरी का शौक रखने वालों को यह पोस्ट पसंद आएगी! नहीं तो फिर में और निशात लासानी तो … पढना जारी रखे

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