Monthly Archives: जुलाई 2011

जीवन प्रश्न भी और उत्तर भी | स्वार्थ

जीवन प्रश्न भी और उत्तर भी स्वार्थहिन्दी ब्लॉगजगत के बेहतरीन ब्लॉग ‘स्वार्थ’ पर प्रकाशित–जीवन की गहरायी को खोजती यह कविता—- Advertisements

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कल और आज

कल और आज अब कोई चरवाहाबाँसुरी की सुरीली तान परप्रेम गीत नहीं गाताऔर न ही कोयल कूकतीचिड़िया भी बहुत कम चहचहाती हैघर की चहेती गायजिसका दूध कई पीढ़ियों तकअमृत पान की तरह पियाउसके  ढूध न देने के बादउसे बेकार समझकरसडकों पर … पढना जारी रखे

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संस्कार

हमेशाहर बार की तरहआज भी मैंअपनी माटी और माँकी शरण मेंअपने गांव और घर पहुंचा हूँपुनः अपने भीतरवही जान फूंकनेजिसे मैंने अपनी माटीऔरमाँ के सहारेअपने संघर्षमयी जीवनपथ परचलते हुएअटूट साहस और धैर्य सेअर्जित करकेजीवन के कठिनतम क्षणों को भीबड़े धैर्य … पढना जारी रखे

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कार्य कलात्मकता आनंदमयी जीवन |

किसी भी कार्य करने से पहलेतुम्हारे मन कायह पूर्वाग्रही विचारकि यह कार्यतुमने पहले भी किया है ,तुम्हारे लिए कोई नया नहींतुम्हारी रचनात्मकतातुम्हारी कलात्मकता कोदबा देता हैऔरहर कार्य नया होते हुए भीतुम सोचते होयह तुमने पहले भी किया हैयदि तुम अभीदौड़ … पढना जारी रखे

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