Author Archives: ashwiniramesh

About ashwiniramesh

सूक्ष्म संवेदनाओं की सहज,सरल अभिव्यक्ति कविता है !कविता का स्रोत चेतना है ! जिस स्तर पर चेतना होगी उसी स्तर पर ही कविता होगी !सहज और सरल अभिव्यक्ति पाठक के लिए भी ग्रहणीय होगी जो कविता के किसी और कई पहलुओ से उसके साथ तारतम्य बिठाने का प्रयास करता है यानि स्वयं के जिए हुए को कविता में तलाशता है --अश्विनी रमेश !

इस ब्लॉग पर स्वागत है—

साहित्यिक दार्शनिक एवम आध्यात्मिक लेखकों का जो लेखन के प्रति गंभीर ओर समर्पित हैं ,का इस ब्लॉग पर उपयोगकर्ता के रुप में हार्दिक स्वागत है ! Advertisements

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***** सर्जक साहित्यिक संगोष्ठी *****

         साहित्यिक संगोष्ठी आयोजन दिनांक 10 दिसम्बर, 2011             स्थान: राजकीय महाविद्यालय ठियोग            प्रथम सत्र: समकालीन साहित्य और हिमाचाली लेखक (10 बजे से 1 बजे तक ) द्वितीय सत्र: काव्य गोष्ठी (1.30 बजे से 4.30 बजे तक) ! इस … पढना जारी रखे

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***** सर्जक साहित्यिक संगोष्ठी *****

         साहित्यिक संगोष्ठी आयोजन दिनांक 10 दिसम्बर, 2011             स्थान: राजकीय महाविद्यालय ठियोग            प्रथम सत्र: समकालीन साहित्य और हिमाचाली लेखक (10 बजे से 1 बजे तक ) द्वितीय सत्र: काव्य गोष्ठी (1.30 बजे से 4.30 बजे तक) ! इस … पढना जारी रखे

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सभी उत्साही, उर्जस्वी लेखकों का इस ब्लॉग पर स्वागत है !

सभी उत्साही एवम उर्जस्वी लेखकों का इस ब्लॉग पर हार्दिक स्वागत है ! दर्शायी गयी किसी भी श्रेणी के अंतर्गत आप अपनी रचनाएँ इसमें प्रकाशित कर सकते हैं !

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इस ब्लॉग पर स्वागत

इस ब्लॉग पर नए लेखक के रुप में परीक्षत सेखरी का स्वागत है !

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छिन जाने का भय, जो तुम्हारा सुख छीनता है

जन्म सेमृत्यु होने तकव्यक्ति भय के साये में जीता हैयह भय और कुछ नहीं बसकुछ छिन जाने का भय हैजो तुम्हारा सुख छीनता हैबच्चा पैदा होने के तुरंत बादजोर जोर से रोता हैउसकी दुनिया बदल गयी हैउसे भय लग रहा … पढना जारी रखे

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भ्रष्टाचार की परिभाषा

भ्रष्टाचार के विरुद्ध जंग लड़ने से पहलेस्पष्ट करना होगाभ्रष्टाचार का अर्थतय करनी होगी इसकी परिभाषाताकि भूखा, नंगा औरखुले आसमान के नीचेसोने वाला इन्सान कहींभ्रष्टाचार के अर्थ कीगिरफ्त में न आ जाएऔर यदि ऐसा हुआ तोप्रकृति-रुप सत्य पर भीलग जाएगा प्रश्नचिन्हक्योंकिभूखा, … पढना जारी रखे

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वह जो है | स्वार्थ

वह जो है वह जो हैतुम्हारा सच्चा और प्रियमित्रतुम्हारे मन के दरवाज़े कोरोज खटखटाता हैअर्धचेतन होकर अर्धनिद्रा मेंसोए हुए की तरहजब तुम अचानक जागते होऔर दरवाज़ा खोलते होतो बाहर तुम्हे लगता है कोई नहींफिर झट से तुमदरवाज़ा बंद कर देते होवह … पढना जारी रखे

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जीवन प्रश्न भी और उत्तर भी | स्वार्थ

जीवन प्रश्न भी और उत्तर भी स्वार्थहिन्दी ब्लॉगजगत के बेहतरीन ब्लॉग ‘स्वार्थ’ पर प्रकाशित–जीवन की गहरायी को खोजती यह कविता—-

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कल और आज

कल और आज अब कोई चरवाहाबाँसुरी की सुरीली तान परप्रेम गीत नहीं गाताऔर न ही कोयल कूकतीचिड़िया भी बहुत कम चहचहाती हैघर की चहेती गायजिसका दूध कई पीढ़ियों तकअमृत पान की तरह पियाउसके  ढूध न देने के बादउसे बेकार समझकरसडकों पर … पढना जारी रखे

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संस्कार

हमेशाहर बार की तरहआज भी मैंअपनी माटी और माँकी शरण मेंअपने गांव और घर पहुंचा हूँपुनः अपने भीतरवही जान फूंकनेजिसे मैंने अपनी माटीऔरमाँ के सहारेअपने संघर्षमयी जीवनपथ परचलते हुएअटूट साहस और धैर्य सेअर्जित करकेजीवन के कठिनतम क्षणों को भीबड़े धैर्य … पढना जारी रखे

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कार्य कलात्मकता आनंदमयी जीवन |

किसी भी कार्य करने से पहलेतुम्हारे मन कायह पूर्वाग्रही विचारकि यह कार्यतुमने पहले भी किया है ,तुम्हारे लिए कोई नया नहींतुम्हारी रचनात्मकतातुम्हारी कलात्मकता कोदबा देता हैऔरहर कार्य नया होते हुए भीतुम सोचते होयह तुमने पहले भी किया हैयदि तुम अभीदौड़ … पढना जारी रखे

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——–प्रकृति गीत——-

शाम ढल चुकी है अब होगा रात का अँधेरा कल जब हम मिलेंगे तब होगा नया सवेरा  ! मौसम ज्यों बदलतें हैं गर तुम भी यों ही बदलो तो होगा न मोह का डेरा फिर होगा न तेरा मेरा ! … पढना जारी रखे

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रचनात्मक लेखकों का इस ब्लॉग पर स्वागत है–

रचनात्मक लेखक जो साहित्य की किसी भी विधा में लिखतें हों ,दर्शन,आध्यात्मिक एवम सांस्कृतिक लेखकों का इस ब्लॉग पर मेहमान ब्लोग्गर के रुप में स्वागत है !

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शायरी–मेरी कलम से!–आज का शेर-(यह लिंक क्लिक करें)

नग्माये जिन्दगी और दिले-साज है शायरीये न हो तो फिर नाशाद नासाज है ज़िंदगी ! शायरी के अलावा और कोई दवाए दिल नहींमुफ्त की चीज समझकर छोड़ दी इसीलिए तो पशेमां हो तुम !                                                                                                     —अश्विनी रमेश !

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शायरी–मेरी कलम से!–आज का शेर-(यह लिंक क्लिक करें- विडियो सहित)

ज़िंदगी कोई साहिल नहीं मंज़िल नहीं ये तो सफर है यारबजिसमे कतराए पानी से समंदर और समंदर से कतरे का सफर करना है ! कुदरत की अजब गज़ब दुनिया में इन्सा सबसे खुदगर्ज़ शय है यारबपेड़ है जो देता ही है … पढना जारी रखे

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शायरी–मेरी कलम से! –आज का शेर (यहाँ लिंक क्लिक करें-शेर विडियो सहित हैं)

इस बज्मे शायरी को मदहोशी में पहुँच जानो दो ‘रमेश’लासानी को ये शिकवा न रहे इसमें,मज़ा आया तो क्या आया! मेरे लिए हर दिन हर लम्हा नया है ‘रमेश’दस्तूरे-कुदरते दरिया मे बहता हुआ एक कतरा हूँ मैं ! सरूरे शायरी … पढना जारी रखे

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शायरी–मेरी कलम से!–आज का शेर-(इस लिंक को क्लिक करें) विडियो सहित है ! कृपयाविडियो के लिए दोबारा इस लिंक पर जाएँ-अश्विनी रमेश

http://www.youtube.com/get_player

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शायरी–मेरी कलम से! –आज का शेर (यहाँ लिंक क्लिक करें-शेर विडियो सहित हैं)

जब हम हैं तो जोशे-बज्मे-शायरी है ‘रमेश’जहाँ हम नहीं वहाँ न जोश है न बज़्म है और नाही शायरी ! पता नहीं क्योँ किसी बहत अपने को तलाशती है हमारी रूहये वोह एहसास है जो ताजिंदगी बना रहता है ! … पढना जारी रखे

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शायरी–मेरी कलम से!–आज का शेर-(इस लिंक को क्लिक करें) विडियो सहित है !

ये हसरत तो हर कोई रखता है कि इश्क दिवानगी तक पहुंचेमगर ये ऐसा नशा है जो टूट जाने पर सिर्फ दर्दे-दिल देता है ! मैं एक फ़कीर सी जिंदगी बसर करने में खुश हूँ ‘रमेश’मुझे बस अब कुछ नहीं … पढना जारी रखे

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