Category Archives: कविता

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छिन जाने का भय, जो तुम्हारा सुख छीनता है

जन्म सेमृत्यु होने तकव्यक्ति भय के साये में जीता हैयह भय और कुछ नहीं बसकुछ छिन जाने का भय हैजो तुम्हारा सुख छीनता हैबच्चा पैदा होने के तुरंत बादजोर जोर से रोता हैउसकी दुनिया बदल गयी हैउसे भय लग रहा … पढना जारी रखे

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भ्रष्टाचार की परिभाषा

भ्रष्टाचार के विरुद्ध जंग लड़ने से पहलेस्पष्ट करना होगाभ्रष्टाचार का अर्थतय करनी होगी इसकी परिभाषाताकि भूखा, नंगा औरखुले आसमान के नीचेसोने वाला इन्सान कहींभ्रष्टाचार के अर्थ कीगिरफ्त में न आ जाएऔर यदि ऐसा हुआ तोप्रकृति-रुप सत्य पर भीलग जाएगा प्रश्नचिन्हक्योंकिभूखा, … पढना जारी रखे

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वह जो है | स्वार्थ

वह जो है वह जो हैतुम्हारा सच्चा और प्रियमित्रतुम्हारे मन के दरवाज़े कोरोज खटखटाता हैअर्धचेतन होकर अर्धनिद्रा मेंसोए हुए की तरहजब तुम अचानक जागते होऔर दरवाज़ा खोलते होतो बाहर तुम्हे लगता है कोई नहींफिर झट से तुमदरवाज़ा बंद कर देते होवह … पढना जारी रखे

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जीवन प्रश्न भी और उत्तर भी | स्वार्थ

जीवन प्रश्न भी और उत्तर भी स्वार्थहिन्दी ब्लॉगजगत के बेहतरीन ब्लॉग ‘स्वार्थ’ पर प्रकाशित–जीवन की गहरायी को खोजती यह कविता—-

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कल और आज

कल और आज अब कोई चरवाहाबाँसुरी की सुरीली तान परप्रेम गीत नहीं गाताऔर न ही कोयल कूकतीचिड़िया भी बहुत कम चहचहाती हैघर की चहेती गायजिसका दूध कई पीढ़ियों तकअमृत पान की तरह पियाउसके  ढूध न देने के बादउसे बेकार समझकरसडकों पर … पढना जारी रखे

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संस्कार

हमेशाहर बार की तरहआज भी मैंअपनी माटी और माँकी शरण मेंअपने गांव और घर पहुंचा हूँपुनः अपने भीतरवही जान फूंकनेजिसे मैंने अपनी माटीऔरमाँ के सहारेअपने संघर्षमयी जीवनपथ परचलते हुएअटूट साहस और धैर्य सेअर्जित करकेजीवन के कठिनतम क्षणों को भीबड़े धैर्य … पढना जारी रखे

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कार्य कलात्मकता आनंदमयी जीवन |

किसी भी कार्य करने से पहलेतुम्हारे मन कायह पूर्वाग्रही विचारकि यह कार्यतुमने पहले भी किया है ,तुम्हारे लिए कोई नया नहींतुम्हारी रचनात्मकतातुम्हारी कलात्मकता कोदबा देता हैऔरहर कार्य नया होते हुए भीतुम सोचते होयह तुमने पहले भी किया हैयदि तुम अभीदौड़ … पढना जारी रखे

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my creative ideas: Come and..Go-a poem

my creative ideas: Come and..Go-a poem

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Come and..Go-a poem

Come and..Go Whenyou would beweary of the worldOf its;hates, agonies, miseriesyou think and feelhas fallen upon youlike iron blowswhenyou feeltwinkling stars,flowing beautiful riversandcalm oceanseven can notsoothe youYou..then..come to meto heal yourevery woundwith cures offellow feelingof human touchto the extent whereyou … पढना जारी रखे

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Isque wo aatish hai Galib jo lagai na lage aur bujhai na bujhe.

This is a poetic verse ‘Sher’ by reknowned Urdu poet Galib meaning thereby that love is such a fire which neither can be lit up by putting on efforts and when it is once lit up nor it can be … पढना जारी रखे

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Follow word uncomfortable on twitter.

The word”follow” seems to be uncomfortable for genious people. why one is to follow the other one when everyone has got his own level of conscience. Thus to follow anyone otherleaving yourself behind is nothing less than madness. Thus the … पढना जारी रखे

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My Search from truth upto truth.

I have gone through all the prevailing philosophies in the world.All these search but one thing i.e.laws of existence i.e. truth.Objective of human life being how to attain blissfulness or happiness in life. All of usstrive for attainment of bliss … पढना जारी रखे

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